Tuesday, December 11, 2012

"मोबईलेरिया!"

एक व्यक्ति पेट की अलामत की शिकायत के साथ डॉक्टर के पास पहुंचा। डॉक्टर ने मुस्कुरा कर उसका स्वागत किया अपनी बगल की टूल पर उसको बैठने को कहा। कुछ पूछने से पहले डॉक्टर असमंजस में पड़ा, उसने जोर-जोर से सांस खींच कर अपने चैम्बर की हवा को सूंघा। एक न पहचान में आने वाली अजीब सी गंध से चैम्बर भरा पड़ा था। तभी मरीज़ की कराह से उसका ध्यान नार्मल ट्रैक पर आया। उसने सहानुभूति से पूछा : "हाँ जी बोलिए क्या तकलीफ है, क्या हुआ है आपको?"
मरीज़ : "मोबईलेरिया!"
डा. अचकचाया : "जी! क्या ! क्या फरमाया?"
मरीज़ : "मोबईलेरिया, सर!"
डा. : "ये कैसी बिमारी का नाम ले रहे हैं आप!! क्या होता है इस बिमारी में?"
मरीज़ : "एक तरह का गैस्ट्रिक है, सर!"
डा. : "अच्छा!! क्या होता है इनमे?"
मरीज़ : "बहुत अजीब-अजीब सा हो रहा है सर!"\
डा. : "जैसे क्या? खुल कर पूरी बात अच्छी तरह बतलाइये।"
मरीज़  : "सर, पेट का सेटिंग सिस्टम बिगड़ गया है। हम बार-बार रिसेट करते हैं लेकिन फिर बिगड़ जाता है। साइलेंट मोड में रखते हैं, लेकिन फिर अपने-आप वापस जेनरल मोड में आ जाता है। भोल्युम अपने-आप घटते-बढ़ते रहता है। भाइब्रेशन अचानक बढ़ जाता है, कभी-कभी खतरनाक ढंग से भाईब्रेट करता है। रिंगटोन पर से कंट्रोल एकदम्मे ख़तम हो गया है। पता नहीं कइसा-कइसा नया-नया रिंगटोन अपने-आप बजने लगता है।  फूस-फूस मोड से अपने-आप भड़-भड़ भाईब्रेट मोड में आ जाता है, और नया-नया ट्यून बजने लगता है। बहुत तकलीफ में हैं सर कुछ इलाज कीजिये। इसका सौफ्टवेयर बेकाबू हो गया है, कभियो कुच्छ हो सकता है।"
डा.  : "...अच्छा-अच्छा ! ...एक बात बताइये, जबसे आप चैम्बर में घुसे हैं एक अजीब सी गंध इसमें भर गई है, वो क्यूँ, घाव-वुव हुआ है क्या?"
मरीज़ : "नई,...उ ...उ सर, एम्बी-प्योर लगाय हुए हैं !!" .........परर्रर्रर्रर्र  ....पुईं ...ठस्स ...ठुस्स ...धडाम।

और डॉक्टर चारों खाने चित्त।
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