Thursday, January 17, 2013

सीक्रेट एजेंट के पन्नों से

सीक्रेट एजेंट के पन्नों से :>------
'फ़ौरन हाँ बोलो, बेटा। ये सोच कर फ़ौरन से पेश्तर हाँ बोलो कि जिस नौकरी ने तुम्हें कलंकित किया, वही अब तुम्हारे पाप धोएगी।'
' ...........'बाकी रही जान जोखम की बात तो जोखम कहाँ नहीं है, बेटा! जो शख्श जोखम से खौफ खाता है, उसके लिए तो हर कदम पर जोखम है। वो दरख्त परवान नहीं चढ़ सकता जिसे हर वक़्त अपने पर बिजली गिरने का खतरा सताता हो।'
'............'जो लोग मौत से डरते हैं, समझो वो पहले ही तीन चौथाई मर चुके हैं।'
'नया सूरज निकलता है तो हर कोई कहता है कि ये मेरी बाकी जिंदगी का पहला दिन है, इसलिए मैंने कुछ नया, कुछ रचनात्मक करके दिखाना है।'

"पानी केरा बुदबुदा, अस मानस की जात; देखत ही छिप जाएगा, ज्यों तारा प्राभात।"

'............बेटा, वो जिंदगी का सफ़र हो या जंग का मैदां; मुहाज कोई भी हो, हौसला जरूरी है।'


......जारी (Contd.)