Tuesday, September 17, 2013

लिओनि फैशन passion

सवाल : सनि लिओनि उर्फ़ करेन मल्होत्रा (कनाडियन इंडियन पोर्न स्टार) को इंडिया में क्यों निमंत्रित किया गया?
जबाब : भट्ट नाम के एक महा ईश ऐयाश के अपने जिस्मानी सुख और विषय-वासना की पूर्ती के लिए,जो परवीन बॉबी की नृंशस तबाही का मुजरिम है! फिल्मोद्योग के ऐयाशों की ऐश के लिए! बड़ा भोक्ता खुद भट्ट है, जिसकी अपनी बेटी जैसे अपने बाप की वासना पूर्ती की सेज सजाती लगती है! और बहुत ही दुःख से कहना पड़ रहा है कि अपने जीतू जी की बेटी, सास-बहु क्वीन ना जाने किस हिसाब से और किस मानसिकता से इस गन्दगी को अपनाने को सहमत हुईं!
_मैं सनि लिओनि के भारत की धरती पर रहने का पुरजोर विरोध करता हूँ! लेकिन हमारे सत्ताधीशों ने उसे भारतीय नागरिकता दे दी है! जिसे एक्टिंग की ABCD न आती है ना कभी आएगी! मेरे जैसा एक अदना आदमी सिर्फ अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता है, जो करता ही रहूँगा! मैं Like & Comments के खेल नहीं समझता पर विचारों की अभिव्यक्तो की स्वतंत्रता को खूब जानता हूँ! हॉलीवुड की बिकिनी गर्ल्स, और साउथ अफ्रीका की Candice Swanepoel मेरी facebook फ्रेंडशिप की लिस्ट में भरी हुई हैं! इनका अपना जीवन है, अपनी जीवन शैली है, इसमें हम और कोई क्या कर सकता है? लेकिन Candice Swanepoel सनि लिओनि जैसी नहीं हैं! वे जैसी हैं हमें विवश नहीं कर सकती कि उनके रहन-सहन को हम फॉलो करें! हमने इनसे fb फ्रेंडशिप की ताकि विश्वस्तरीय सौन्दर्य को देखें! पर सनि लिओनि साफ़ उकसा रही है! अपनी वीडियोस के दाम वसूल रही एक खरबपति विश्व-वेश्या है! क्या इसका विरोध नहीं होना चाहिए? किस हक और हैसियत से हमारा अपना बॉलीवुड हमें नीति, नैतिकता और मर्यादा का पाठ पढ़ाने की अगुवाई कर सकता है, जब उसके अपने दामन पर ही बेशुमार गंदे भद्दे धब्बे हैं!???
भारत में बलात्कार की घटनाएं रोज़ हज़ारों की संख्या में हो रही हैं, इसकी जिम्मेवारी कुछ से ज्यादा प्रतिशत भारतीय फिल्मोद्योग, बॉलीवुड की भी है! zism-2 से इस गन्दगी की शुरुआत कर दी गई है! एक बेढब, बेहुदे और फूहड़पन की सीमा लांघ चुके बॉलीवुड को तो अब कोई क्रांति ही सुधार सकती है; श्रीकांत तिवारी का यह लेख नहीं!
हद है अकर्मण्यता की भी!
सचमुच विश्व को सहनशक्ति भारत से सीखनी चाहिये! जिसने चंगेज़, तैमूर, बाबर और अंगेर्जों को झेला वह इस रण्डी नाच को भी झेल ही लेगा! जरा देखिएगा कहीं आपके अपने घरों में लिओनि फैशन passion न बन जाय!
_श्री .